Mohabbat Ki Bandishe- मोहब्बत की बंदिशे


Mohabbat Ki Shayari
source:google 


Mohabbat ki bandishe


बड़ी  अजीब है ये बंदिशे मोहब्बत की
ना तुमने क़ैद में रखा ना मै फ़रार  हुआ। ....

Bdi ajeeb hai ye bandishe mohabbat ki
Na tumne qaid me rakha na mai farar hua...


❤❤❤❤❤❤

इस दौर के इंसानो में वफ़ा ढूँढ रहे हो
तुम ज़हर की शीशी में दवा ढूँढ रहे हो.....

Is daur ke insaano me wafa dhoond rahe ho
Tum zaher ki sheeshi me dwa dhoondh rahe ho...


❤❤❤❤❤❤

बचपन में था ये वादा मिलेंगे शबाब में,आया शबाब उनपे तो बैठे है नक़ाब में
या तो नक़ाब उठा के मिलो मुझसे  बेनक़ाब ,या तो मुझको अपने साथ छुपा लो नक़ाब में....

Bachpan me tha ye wada milege shabab me,
aaya shabab unpe to wo baithe hai naqab me....
Ya to naqab utha ke milo mujse benaqab,
ya to mujhko apne sath chupa lo naqab me.....


❤❤❤❤❤❤


Previous
Next Post »

Recent Updates