तू नही तो तेरी याद सही # Attaullah Khan Ghazal

Tu nahi to ter yaad sahi yado ke sahare jee lege attaullah khan ghazal



Tu nahi to teri yaad sahi yado ke sahare jee lege
Ham zahar gamo ka pee lege khud chaak gariba see lege..

Yu meri tarh koi na ujde na meet kisi mann ka bichde
Toda hai mera dil tune magar kisi aur ke mat karna tukde...

Ilzaam wafa ke has kar ham sar deke na hilege
Ham zahar gamo ka pee lege khud chaak gariba see lege..

Kabhi tujko chandni raato me yaad aaye jo ham barsato me
Nafrat se hi lena naam mera kabhi jikar mera ho baato me..

Royege sda par bhule se ham naam na tera kabhi lege
Ham zahar gamo ka pee lege khud chaak gariba see lege..

In pyar ki sab tasveeri ko aur likhi sab tehreero ko
Ek rakh ka dher bana dena sab khawabo ki tabeero ko..

Barbad na apna waqt karo ham raahe apni nayi lege
Ham zahar gamo ka pee lege khud chaak gariba see lege...

Girti hui ham hai diwaare jo dekhe hame wo dutkhare 
Taqdeer ke hatho bebas hai har jeeti hui bazi haare...

Dekhege tuje  jab "ishrat" ham aankho me gam ki nami lege
Ham zahar gamo ka pee lege khud chaak gariba see lege..
❤❤❤❤
तू नही तो तेरी  याद सही यादो के सहारे जी लेगे
हम ज़हर गमो का पी लेगे खुद चाक ग़रीबा सी लेगे..

यू मेरी तरह कोई ना उजड़े ना मीत  किसी मन का बिछड़े
तोड़ा है मेरा दिल तूने मगर किसी और के मत करना टुकड़े...

इल्ज़ाम वफ़ा के हस कर हम सर देके ना हिलेगे
हम ज़हर गमो का पी लेगे खुद चाक ग़रीबा सी लेगे..

कभी तुझको  चाँदनी रातो मे याद आए जो हम बरसातो मे
नफ़रत से ही लेना नाम मेरा कभी ज़िक्र  मेरा हो बातो मे..

रोयेंगे  सदा  पर भूले से हम नाम ना तेरा कभी लेगे
हम ज़हर गमो का पी लेगे खुद चाक ग़रीबा सी लेगे..

इन प्यार की सब तस्वीरी को और लिखी सब तहरीरओ को
एक राख का ढेर बना देना सब खवाबो की तबीरो को..

बर्बाद ना अपना वक़्त करो हम राहे अपनी नयी लेगे
हम ज़हर गमो का पी लेगे खुद चाक ग़रीबा सी लेगे...

गिरती हुई हम है दीवारे जो देखे हमे वो दुतकारे 
तक़दीर के हाथो बेबस है हर जीती हुई बाज़ी हारे...

देखेगे तुझे  जब "इशरत" हम आँखो मे गम की नमी लेगे
हम ज़हर गमो का पी लेगे खुद चाक ग़रीबा सी लेगे..

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