Sulagte Harf Ka Nasha Utaarne Wale- Rahat Indori Shayari

Sulagte Harf Ka Nasha Utaarne Wale Rahat Indori Shayari

Ajnabi khwahishein Seene Me Dba Bhi Na Saku Rahat Indori Shayari

सुलगते हर्फ का नशा उतारने वाले

सुलगते हर्फ का नशा उतारने वाले
गज़ल उतार सहीफ़ा उतारने वाले

ये भूल मत की अभी सर पे आसमान भी है
किसी के सर का दुपट्टा उतारने वाले

वो आज चलने लगे पांयचे उठाए हुए
कभी चढ़ा हुआ दरिया उतारने वाले

बिठाए फिरते हैं दुनिया को अपनी पलकों पर
मेरी निगाह से दुनिया उतारने वाले

अकेलेपन के सियाह नाग डस रहे हैं मुझे
मदद….परिंदों का जोड़ा उतारने वाले

मजाक बनते हैं अनदेखे हादसो के लिये
जरा सी बात पर चेहरा उतारने वाले

हमारी जान के दुश्मन बने हुए हैं आज
हमारी जान का सदक़ा उतारने वाले।
❤❤❤❤



अब ना मैं वो हूँ, ना बाकी हैं ज़माने मेरे

अब ना मैं वो हूँ, ना बाकी हैं ज़माने मेरे
फिर भी मशहूर हैं, शहरों में फ़साने मेरे

जिंदगी हैं तो नए जख्म भी लग जायेंगे
अब भी बाकी हैं कई दोस्त पुराने मेरे

आप से रोज़ मुलाक़ात की उम्मीद नहीं
अब कहा शहर में रहते हैं ठिकाने मेरे

उमरा के राम ने, साँसों का धनुष तोड़ दिया
मुझ पे एहसान किया आज खुदा ने मेरे

आज जब सो के उठा हूँ तो ये महसूस किया
सिसकियाँ भरता रहा कोई सिरहाने मेरे...

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