Rahat Indori Best Shayari

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Rahat Indori Best Shayari

Rahat Indori Best Shayari

ऐसा लगता है लहू में हमको, कलम को भी डुबाना चाहिए था
अब मेरे साथ रह के तंज़ ना कर, तुझे जाना था जाना चाहिए था
❤❤❤❤

मुझसे पहले वो किसी और की थी, मगर कुछ शायराना चाहिए था
चलो माना ये छोटी बात है, पर तुम्हें सब कुछ बताना चाहिए था
❤❤❤❤

उसकी याद आई हैं साँसों ज़रा धीरे चलो
धड़कनो से भी इबादत में खलल पड़ता हैं
❤❤❤❤

ना त-आरूफ़ ना त-अल्लुक हैं मगर दिल अक्सर
नाम सुनता हैं तुम्हारा तो उछल पड़ता हैं 
❤❤❤❤

रोज़ तारों को नुमाइश में खलल पड़ता हैं 
चाँद पागल हैं अंधेरे में निकल पड़ता हैं 
❤❤❤❤

मेरा नसीब मेरे हाथ कट गए वर्ना
मैं तेरी माँग में सिंदूर भरने वाला था
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ये हादसा तो किसी दिन गुज़रने वाला था
मैं बच भी जाता तो इक रोज़ मरने वाला था
❤❤❤❤

मेरे बेटे किसी से इश्क़ कर,मगर हद से गुजर जाने का नईं 
वो गर्दन नापता है नाप ले,मगर जालिम से डर जाने का नईं
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ज़रूर वो मेरे बारे में राय दे लेकिन
ये पूछ लेना कभी मुझसे वो मिला भी है

Rahat Indori Best Shayari




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