Desh Bhakti Shayari

Desh Bhakti Shayari

Desh Bhakti Shayari


Vatan Shayari
सहमा सा है वतन कुछ लोग खून मागते है

कुछ लोग मेरा हिन्दुस्तानी वजूद  मागते है..

ज़माना बीता है जिनका फिरंगियो की मुखबिरी मे

वो आज मुजसे देश भक्त होने का सबूत मागते है..

Best Desh Bhakti Shayari
ज़माने भर में मिलते हे आशिक कई ,
मगर वतन से खूबसूरत कोई सनम नहीं होता ,
नोटों में भी लिपट कर, सोने में सिमटकर मरे हे कई ,
मगर तिरंगे से खूबसूरत कोई कफ़न नहीं होता.


15 August Shayari
चलो फिर से आज वो नज़ारा याद कर ले 
शहीदों  के दिल थी जो जवाला वो याद कर ले 
जिसमे बह कर आज़ादी पहुंची थी किनारे पर 
देशभक्तो के खून की वो धरा याद कर ले 

26th January Shayari
कुछ नशा ये तिरंगे की आन  का है 
कुछ नशा मातृभूमि के मान का है 
हम लहराएंगे हर जगह ये तिरंगा 
नशा ये हिन्दुस्तान की शान का है 

15 August Shayari
खुशनसीब है वो जो वतन पर मिट जाते है 
मरकर भी वो लोग अमर हो जाते है 
करता हु तुम्हे सलाम ए वतन पर मिटने वालो 
तुम्हारे हर सास में तिरंगे का नसीब बस्ता है 

15 August Shayari
जो अब तक  ना खोला वो खून  नहीं पानी है 
जो देश के काम ना आये बेकार वो जवानी है 

Best Desh Bhakti Shayari
इतनी सी बात हवाओ को बताये रखना 
रौशनी होगी चिरागो  को जलाये रखना
लहू देकर की है जिसकी हिफाजत हमने 
ऐसे तिरंगे को हमेसा दिल में बसाये रखना 

~ Desh Bhakti Shayari




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